बगरू विधानसभा क्षेत्र और सांगानेर तहसील का गांव गवार बाह्मणान बर्बादी के कगार पर है। गांव में अवैध रूप से विकसित रंगाई-छपाई की सैंकड़ों फैक्ट्रियों ने सदियों से गांव में रह रहे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। चर्म रोग, इंफेक्शंस, बच्चे पैदा न होना, बाल झड़ना, घुटनों में दर्द जैसी तमाम बीमारियों ने गांववालों को घेर लिया है। बेबस गांव वालों ने विधायक डॉट कॉम की टीम को बुलाया और अपने गांव में हो रही तमाम जालसाजियों को दिखाया। प्रशासनिक लापरवाहियां दिखाई। उद्योगपतियों का खौफ दिखाया। गांव के बुरे हालात दिखाए।
गवार ब्राह्मणान के लोगों ने दिखाया किस तरह जोर जबरदस्ती और दादागिरी से गांव की जमीन को बीते पांच-छह साल में जहरीला बना दिया गया है। गांव वालों ने दावा किया कि उनके विधायक डॉ. कैलाश वर्मा केवल चुनावों में वोट मांगने आते हैं, समस्या सुनने, समझने कभी नहीं आए। गांव वालों ने बताया कि मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर, जयपुर विकास प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और तमाम जगह ठोकरें खाई, लेकिन गांव का समाधान का कोई रास्ता नहीं निकला।
गवार ब्राह्मणान गांव की हालत यह हो गई है कि यहां के लोगों से यहां रहना न उगलते बन रहा है, न निगलते। गांव छोड़कर जा नहीं सकते। रहते हैं, जो जिंदा रहना मुश्किल हो गया है। हर खेत में जहरीला पानी भरा है। प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं और समाधान अभी दूर है। देखिए एक एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट…


