केरल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजधानी तिरुवनंतपुरम में अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया। शाम करीब 6:30 बजे जैसे ही प्रधानमंत्री का काफिला किल्लीपलम जंक्शन से शुरू हुआ, पूरी सड़क ‘मोदी-मोदी’ के नारों से गूंज उठी। प्रधानमंत्री ने खुली जीप में सवार होकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया, जबकि सड़कों के दोनों ओर खड़े हजारों समर्थकों ने उन पर फूलों की बारिश की।
तिरुवल्ला रैली: विपक्ष पर सीधा प्रहार
रोड शो से पहले तिरुवल्ला (पतनमथिट्टा) में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केरल में बारी-बारी से शासन करने वाले LDF और UDF ने राज्य के विकास को रोक रखा है।
“केरल की जनता अब समझ चुकी है कि ये दोनों गठबंधन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। भाजपा यहाँ सिर्फ चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि केरल की संस्कृति और भविष्य को बचाने आई है।” – पीएम मोदी
दक्षिण भारत के लिए ‘सीटों का सुरक्षा कवच’

रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों की इस आशंका को दूर किया कि जनसंख्या नियंत्रण के कारण उनकी लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी। पीएम ने भरोसा दिलाया कि आगामी परिसीमन में दक्षिण का प्रतिनिधित्व कम नहीं होने दिया जाएगा और केंद्र सरकार इसके लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
ईसाई समुदाय को साधने की कोशिश
पीएम मोदी ने अपने भाषण में विशेष रूप से केरल के ईसाई समुदाय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भाजपा ने उत्तर-पूर्व और गोवा में ईसाइयों का विश्वास जीता है, वैसा ही विकास का मॉडल केरल में भी लागू किया जाएगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तिरुवनंतपुरम की नेमोम और वट्टियूरकावू जैसी हॉट सीटों पर भाजपा की पकड़ मजबूत करने के लिए यह दौरा मील का पत्थर साबित हो सकता है। पीएम के साथ रोड शो में मौजूद राजीव चंद्रशेखर और आर. श्रीलेखा की मौजूदगी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है।


