जोधपुर। राजस्थान के पश्चिमी और सीमावर्ती जिलों के रेल यात्रियों के लिए आज का दिन एक बेहद ऐतिहासिक और खुशियों भरा मोड़ लेकर आया है। केंद्रीय रेल मंत्रालय ने मरुधरा के विकास की रफ्तार को बढ़ाते हुए राज्य को एक साथ तीन नई ट्रेनों की बड़ी सौगात दी है। जोधपुर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस नए तोहफे से विशेष रूप से जोधपुर, जालोर और जैसलमेर जिलों के लाखों आम नागरिकों, व्यापारियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आवागमन की अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। रेल मंत्रालय के इस फैसले के बाद मारवाड़ और थार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित आम जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
इन तीन रूटों पर शुरू हुईं नई रेल सेवाएं
रेलवे प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान के तीन अलग-अलग रूटों पर यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए निम्नलिखित नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा रहा है:
- 1️⃣ जालोर-जोधपुर-जैसलमेर स्पेशल (साप्ताहिक एक्सप्रेस): यह इस सौगात की सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन मानी जा रही है, जो जालोर से रवाना होकर जोधपुर होते हुए सीधे सीमावर्ती पर्यटन नगरी जैसलमेर तक का सफर तय करेगी। इस रूट के जुड़ने से मारवाड़ के व्यापारियों को जैसलमेर और जोधपुर की मंडियों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
- 2️⃣ जोधपुर-जैसलमेर डेली पैसेंजर: जोधपुर और जैसलमेर के बीच दैनिक यात्रियों, सेना के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ को देखते हुए एक नई दैनिक (Daily) ट्रेन सेवा की शुरुआत की गई है। यह ट्रेन कम किराए में स्थानीय लोगों को तेज और सुरक्षित सफर मुहैया कराएगी।
- 3️⃣ भगत की कोठी (जोधपुर) से नई एक्सप्रेस सेवा: जोधपुर के उपनगरीय रेलवे स्टेशन ‘भगत की कोठी’ से मारवाड़ क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों को जोड़ने के लिए एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस सेवा को हरी झंडी दिखाई गई है।
पर्यटन और स्थानीय व्यापार को मिलेगा नया पंख
पश्चिमी राजस्थान के ये तीनों जिले (जोधपुर, जालोर और जैसलमेर) देश के नक्शे पर पर्यटन और हस्तशिल्प (Handicraft) के बहुत बड़े केंद्र हैं। जैसलमेर का सोनार किला और जोधपुर का मेहरानगढ़ किला देखने हर साल लाखों सैलानी आते हैं।
अब तक जालोर से सीधे जैसलमेर जाने के लिए कोई सीधी और सुगम रेल कनेक्टिविटी नहीं थी, जिसके कारण पर्यटकों और स्थानीय टेक्सटाइल व ग्रेनाइट व्यापारियों को सड़क मार्ग से लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ता था। इन नई रेल सेवाओं के शुरू होने से न केवल पर्यटन व्यवसाय को जबरदस्त उछाल मिलेगा, बल्कि जालोर के प्रसिद्ध ग्रेनाइट उद्योग और जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट हब को भी नया बाजार और सीधा लॉजिस्टिक्स सपोर्ट मिल सकेगा।
जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार, स्टेशनों पर जश्न का माहौल
ट्रेनों की आधिकारिक घोषणा और समय-सारणी (Time-Table) जारी होने के बाद जोधपुर, जालोर और जैसलमेर के रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियां मनाईं। क्षेत्रीय सांसदों और विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान मारवाड़ की रेल कनेक्टिविटी सुधारने का जो वादा किया गया था, सरकार ने उसे समय से पहले पूरा कर दिखाया है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, शहर विधायक अतुल भंसाली, फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई, जिला अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल एवं पूर्व महापौर घनश्याम ओझा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) के अनुसार, इन सभी नई ट्रेनों के नियमित संचालन की तिथियां और विस्तृत समय-सारणी जल्द ही आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक कर दी जाएगी, जिसके बाद यात्री आईआरसीटीसी (IRCTC) के माध्यम से अपनी बुकिंग शुरू कर सकेंगे।


