महोबा, 23 मई 2026। उत्तर प्रदेश की सियासत में इस समय भारी उबाल देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ महोबा जिले की शहर कोतवाली (कोतवाली नगर) में एक गंभीर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह कानूनी कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर बेहद अभद्र, अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में की गई है। पुलिस ने न केवल अजय राय, बल्कि कांग्रेस के निवर्तमान सचिव बृजराज अहिरवार और 25 से 30 अज्ञात पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों को भी इस एफआईआर में सह-आरोपी बनाया है।
इस पूरी घटना ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को बेहद तीखा कर दिया है।
घटना की पृष्ठभूमि: महोबा का नीट छात्रा मामला
विवाद की शुरुआत बुंदेलखंड के महोबा जिले से हुई, जहां एक दलित नीट (NEET) छात्रा के अपहरण और 16 दिनों तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया था। इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठा रही थी। 22 मई 2026 को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय स्थानीय पुलिस और प्रशासन को चकमा देते हुए पीड़ित दलित छात्रा के परिवार से मुलाकात करने महोबा पहुंचे थे।
पीड़ित परिवार से मुलाकात करने और उन्हें सांत्वना देने के बाद अजय राय जब वापस लौटने के लिए अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे, तभी वहां मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं और मीडिया के सामने उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर दिया।

वायरल वीडियो और कानूनी कार्रवाई
मुलाकात के बाद अजय राय द्वारा की गई इस कथित ‘बदजुबानी’ का वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा खेमे में भारी आक्रोश फैल गया। भाजपा जिला कार्यसमिति के सदस्य और एडवोकेट नीरज रावत ने इस संबंध में महोबा कोतवाली में एक लिखित तहरीर दी।
तहरीर में आरोप लगाया गया कि देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री के खिलाफ उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघते हुए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका है।
इस शिकायत के आधार पर महोबा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। महोबा की एडिशनल एसपी (ASP) वंदना सिंह के मुताबिक, 22 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लेते हुए और प्राप्त तहरीर के आधार पर शहर कोतवाली में सुसंगत व गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा (FIR) पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। एफआईआर में अजय राय के साथ रास्ता जाम करने और बिना अनुमति के भीड़ जुटाने के आरोप भी शामिल किए गए हैं।
भाजपा का तीखा हमला: “यह राहुल गांधी की राजनीति का असर”
इस विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भाजपा के तमाम शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सी.आर. केशवन् ने अजय राय की इस टिप्पणी को ‘अक्षम्य और घिनौना’ करार दिया। केशवन् ने सीधे कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा:
“राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से पतन की ओर जा चुकी है और यह अजय राय जैसे अभद्र तत्वों का अड्डा बन गई है। प्रधानमंत्री मोदी पर की गई इस तरह की गंदी और घटिया टिप्पणी को देश कभी माफ नहीं करेगा। राहुल गांधी खुद ऐसी भाषा को बढ़ावा देते हैं।”
अजय राय का पलटवार: ‘मुझ पर 100 एफआईआर करो, लेकिन इंसाफ दो’
एफआईआर दर्ज होने और चौतरफा घिरने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अजय राय ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इस वायरल वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड करार दिया है।
अजय राय ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा:
“महोबा की उस दलित बेटी के साथ 16 दिनों तक दरिंदगी की गई। जब मैंने उस पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई, तो यह बात भारतीय जनता पार्टी को नागवार गुजरी। सरकार को घेरने से रोकने के लिए भाजपा ने जानबूझकर एक ‘एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो’ तैयार किया और मेरे खिलाफ यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं इस दमनकारी सरकार से डरने वाला नहीं हूँ। उत्तर प्रदेश की बेटियों के सम्मान के लिए सरकार मेरे ऊपर एक नहीं, बल्कि 100 एफआईआर दर्ज कर दे, मुझे जेल भेज दे, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगा। हमारी मांग सिर्फ इतनी है कि महोबा की उस दलित बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए और दोषियों को फांसी होनी चाहिए।”
राजनीतिक मायने और आगामी गर्माहट
अजय राय उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के एक बेहद आक्रामक और जुझारू चेहरे के रूप में जाने जाते हैं, जो पूर्व में वाराणसी से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस नए कानूनी विवाद ने उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक परिदृश्य को और अधिक गरमा दिया है।
जहाँ एक तरफ कांग्रेस इस मुद्दे को ‘दलित विरोधी और आवाज दबाने की भाजपाई साजिश’ के रूप में पेश कर जनता के बीच जाने की रणनीति बना रही है (अजय राय ने मुख्यमंत्री आवास घेरने का भी ऐलान किया है), वहीं दूसरी तरफ भाजपा इसे प्रधानमंत्री के सम्मान और पिछड़ों के अपमान से जोड़कर कांग्रेस को पूरी तरह बैकफुट पर धकेलने में जुट गई है। पुलिस की आगे की तफ्तीश और अजय राय की संभावित गिरफ्तारी की अटकलों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।


