जयपुर। शहर के यूनेस्को हैरिटेज प्रशासनिक अनदेखियों के चलते लगातार विवादों में बने हुए हैं। हर साल लाखों अतरर्राट्रीय पर्यटकों के लिए जबरदसत आकर्षण का केन्द्र आमेर का किला अपने टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी को न्याय न मिलने से खुद को ठगा महसूस कर रहा है। कुछ ऐसा ही महसूस कर रहे हैं मनीष के परिजन और स्थानीय निवासी।
करीब महीनेभर पहले 7 सितंबर को मनीष सोनी की हत्या कर दी गई थी। मनीष सोनी को चाकू मारकर हत्या की गई थी, जिसके एक दिन बाद ही मनीष की मौत हो गई थी। मनीष की मौत के बाद विवादित जीपों का संचालन रोक दिया गया था। गौरतलब है कि स्थानीय जानकारों के आरोप हैं कि आमेर महल की विजिट के लिए उपयोग में ली जा रही 300 से ज्यादा जीप बिना रजिस्ट्रेशन, एक्सपायर्ड रजिस्ट्रेशन और बिना ड्राईवरों के रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से ऑपरेट की जा रही है। जिसका पूरा नैक्सस काम कर रहा है। इसी के विरोध में उतरे टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की हत्या कर दी गई थी और अब परिजन न्याय नहीं मिलने से आज सड़कों पर उतरे और स्थानीय लोगों के सहयोग से आमेर महल जाने वाली इन अवैध जीपों और गाड़ियों को रोक दिया।
दूसरी तरफ जीप संचालन बंद होने से नाराज ड्राइवर आमेर थाने के सामने धरने पर बैठ गए। आमेर थानाधिकारी राजेन्द्र गोदारा के मुताबिक टूरिस्ट जीप चलाने को लेकर स्थानी लोगों से बात चल रही थी, वीकेंड के चलते जाम लग जाते हैं। ड्राइवर धरने पर बैठे थे, जो बाद में ज्ञापन देकर चले गए।
इधर स्थानीय लोगों का कहना है कि मनीष हत्याकाण्ड के बाद प्रशासन के साथ जो बातचीत हुई थी, उसमें जीप संचालन शुरू करने से पहले ड्राइवर्स का रजिस्टेÑशन अनिवार्य करना और गाइडलाइन बनाने को लेकर सहमति बनी थी। वहीं मनीष सोनी की पत्नी पूनम सोनी के मुताबिक पति ही हत्या के बाद मुआवजे का वायदा किया गया था और डेयरी बूथ अलॉटमेंट की बात थी, लेकिन अब तक प्रशासन की अनदेखी से कुछ भी नहीं हो पाया है। यहां जीपें अवैध चल रही हैं और इनके संचालक धमकी देते हैं कि जीपें तो चलेंगी। न तो इलाका सेफ है और न ही पति खोने के बाद मुझे न्याय मिल पा रहा है।


