जयपुर। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से राजस्थान में चार चरण में होने जा रहे पंचायत चुनाव में धनतेरस की तारीख अब बदलने की संभावना बन रही है। राज्य निर्वाचयन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने आज धार्मिक भावनाओं और जनमानस में धनतेरस की वोटिंग को लेकर असंतुष्टि के भाव के बाद जो बयान दिया है, उससे पंचायत चुनाव में 6 नवंबर को होने वाला चरण बदला जा सकता है।
इस शिड्यूल में 3605 पंचायतें आ रही हैं, जिनमें 6 नवंबर को वोटिंग होनी है। हालांकि इस मामले पर अभी राज्य निर्वाचन आयोग विचार कर रहा है और कोई फाइलन फैसला अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन इस बात की प्रबंल संभावना बन गई है कि ऐसा हो सकता है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार मैं यह देख रहा हंू कि आज जनता में धनतेरस के दिन वोटिंग को लेकर थोड़ी प्रतिक्रिया है, जो लोगों की आस्था, श्रद्धा है, त्यौहार है, धार्मिक भावना है उसे देखकर हम विचार कर रहे हैं और सोच रहे है कि इसे कैसे ठीक किया जाए।
गौरतलब है कि पंचायत चुनाव को लेकर प्रथम चरण के नामांकन 8 अक्टूबर और मतदान 25 अक्टूबर, द्वितीय चरण के नामांकन 13 अक्टूबर और मतदान 31 अक्टूबर, तृतीय चरण के नामांकन 19 अक्टूबर और मतदान 6 नवंबर तथा चौथे चरण के नामांकन 31 अक्टूबर और मतदाल 16 नवंबर को करवाने का शिड्यूल जारी किया गया था। जिसमें अब त्यौहारी माहौल और जनमानस को देखते हुए 6 नवम्बर के मतदान की तारीख में बदलाव संभव बनता दिख रहा है।
पंचायत चुनाव 2026 में इस बार राजस्थान में कुल 4,03,02,005 मतदाता गांवों की सरकार का भविष्य तय करने वाले हैं, जिनमें 1,94,16,569 महिला मतदाता शामिल हैं। इनके अलावा 167 थर्ड जेंडर भी इस बार वोट करने वाले हैं। राजस्थान सरकार चुनाव सरपंच और वार्ड पंच के बैलेट पेपर पर करवाने जा रही है और पंचायत समिति सदस्य तथा जिला परिषद् सदस्य की वोटिंग ईवीएम के जरिए करवाई जानी है।
राजस्थान के पंचायत चुनावों में पहले चरण के मतदान में 25 अक्टूबर को जयपुर, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जैसलमेर, झालावाड़, जोधपुर, फलौदी, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर में करवाया जाना प्रस्तावित है। दूसरे चरण में कुल 21 जिले शामिल किए गए हैं, जिनमें जयपुर, अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, दौसा, डूंगरपुर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर, सिरोही और उदयपुर को जोड़ा गया है।
तीसरे चरण में 6 नवंबर का शिड्यूल है जिसमें तारीख बदलने की संभावना जाहिर की जा रही है में कुल 26 जिलों को शामिल किया गया है। इनमें जयपुर, ब्यावर, खैरथल-तिजारा, बांसवाड़ा, बारां, बालोतरा, भरतपुर, डीग, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चुरू, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़ कोटपूतली-बहरोड़, जालौर, झुंझुनूं, करौली, डीडवाना-कुचामन, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर शामिल हैं। इसी प्रकार चौथे और अंतिम चरण में कुल 24 जिलों की भागीदारी रहने वाली है। इनमें जयपुर, ब्यावर, खैरथल-तिजारा, बांसवाड़ा, बारां, बालोतरा, भरतपुर, डीग, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चुरू, धौलपुर, हनुमानगढ़, कोटपूतली-बहरोड़, जालौर, झुंझुनूं, करौली, डीवाना-कुचामन, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर, टोंक और सलूंबर शामिल हैं।
पंचायती राज चुनावों में इस बार जिला परिषद् सदस्यों के लिए चुनाव खर्च सीमा 3 लाख, पंचायत समिति सदस्य के लिए डेढ़ लाख और सरपंच के लिए 1 लाख निर्धारित की गई है।


