नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रहा अंतर्कलह अब एक नए और आक्रामक मोड़ पर पहुँच गया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों और पद से हटाए जाने की कार्रवाई पर चुप्पी तोड़ते हुए एक बेहद कड़ा वीडियो संदेश जारी किया है। फिल्मी अंदाज में पलटवार करते हुए चड्ढा ने कहा, “मैं घायल हूँ, इसलिए घातक हूँ।”
विवाद की पृष्ठभूमि: पद से हटाए जाने की गाज
पिछले सप्ताह आम आदमी पार्टी ने एक चौंकाने वाले फैसले में राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया था। उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके तुरंत बाद, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और अन्य—ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए चड्ढा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
चड्ढा पर लगे मुख्य आरोप:
- संसदीय निष्क्रियता: पार्टी का आरोप है कि चड्ढा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सदन में चुप रहते हैं।
- विपक्ष से दूरी: आरोप लगाया गया कि उन्होंने कई मौकों पर विपक्षी ‘इंडिया ब्लॉक’ के वॉकआउट में हिस्सा नहीं लिया।
- हस्ताक्षर विवाद: चुनाव आयुक्त के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने का गंभीर आरोप भी उन पर मढ़ा गया।
राघव चड्ढा का तीखा पलटवार: “सफेद झूठ का पर्दाफाश”
आज जारी किए गए वीडियो में राघव चड्ढा ने इन सभी आरोपों को ‘स्क्रिप्टेड प्रोपेगेंडा’ करार दिया। उनके बयान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सीसीटीवी की चुनौती: चड्ढा ने कहा, “मुझ पर आरोप है कि मैं वॉकआउट में शामिल नहीं हुआ। मैं पार्टी और सदन को चुनौती देता हूँ कि सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जाए। मैंने हमेशा विपक्ष की एकजुटता का सम्मान किया है।”
- महाभियोग पर सफाई: हस्ताक्षर न करने के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कभी इस प्रस्ताव के बारे में बताया ही नहीं गया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या अन्य 5-6 सांसदों, जिन्होंने साइन नहीं किए, उन पर भी ऐसी ही कार्रवाई होगी?
- जनता के मुद्दे बनाम शोर: चड्ढा ने कहा कि वे संसद में “पब्लिसिटी स्टंट” करने नहीं, बल्कि बेरोजगारी, जीएसटी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने जाते हैं।
राजनीतिक निहितार्थ: क्या चड्ढा नई राह चुनेंगे?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि राघव चड्ढा और अरविंद केजरीवाल के बीच दूरियां काफी बढ़ गई हैं। चड्ढा का यह “घातक” होने वाला बयान संकेत देता है कि वे अब पार्टी के भीतर रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक रुख अपनाएंगे। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव नहीं थमा, तो पंजाब और दिल्ली की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।
राघव चड्ढा के अगले संभावित कदम
राघव चड्ढा ने अपने वीडियो संदेशों के जरिए यह स्पष्ट कर दिया है कि वे झुकने वाले नहीं हैं। उनके अगले कदम इन दिशाओं में हो सकते हैं:
- कानूनी और संसदीय लड़ाई: चड्ढा ने कहा है कि वे अपनी आवाज को दबने नहीं देंगे। वे राज्यसभा में अपनी बात रखने के लिए अन्य संवैधानिक प्रावधानों या निर्दलीय रूप से बोलने के अधिकार पर विचार कर सकते हैं क्योंकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे “खामोश किए गए हैं, हारे नहीं”।
- जनता के बीच पैठ: उन्होंने सीधे आम जनता से संवाद करना शुरू कर दिया है, जिसमें वे मध्यम वर्ग के मुद्दों (जैसे टैक्स, महंगाई, और गिग वर्कर्स की समस्याएं) को उठाकर अपनी एक स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
- पार्टी छोड़ने की अटकलें: राजनीतिक गलियारों में उनके भाजपा या कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हैं, हालांकि चड्ढा या विपक्षी दलों की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- “घातक” पलटवार: उनके “घायल हूँ इसलिए घातक हूँ” वाले बयान से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में वे पार्टी के भीतर के कुछ अनकहे सच या ‘सफेद झूठ’ को बेनकाब कर सकते हैं।


