बेंगलुरु। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों को लेकर आज एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, कर्नाटक से राज्यसभा की चार प्रमुख सीटों के लिए आगामी 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा The Hindu। चुनाव आयोग के इस ऐलान के साथ ही दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं, और कांग्रेस, भाजपा (BJP) तथा JDS ने अपनी-अपनी चुनावी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है।
इन दिग्गज नेताओं का कार्यकाल हो रहा है समाप्त
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक की जिन चार सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं, वे देश के कई बड़े और दिग्गज नेताओं का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही हैं। निवर्तमान होने वाले सांसदों में:
- मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष
- एचडी देवेगौड़ा: देश के पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के सर्वोच्च नेता
- के. नारायण और इराणा कडाडी: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद
इन सभी नेताओं का छह साल का संसदीय कार्यकाल समाप्त होने की ओर है, जिसके चलते चुनाव आयोग को यह प्रक्रिया समय रहते पूरी करनी पड़ रही है।
विधानसभा के संख्या बल के आधार पर सीटों का समीकरण
राज्यसभा चुनाव में विधायकों के मतों (संख्या बल) की भूमिका सबसे निर्णायक होती है। वर्तमान में कर्नाटक विधानसभा की दलीय स्थिति को देखा जाए, तो सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी बेहद मजबूत स्थिति में है। प्रत्येक उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचने के लिए एक निश्चित कोटे के तहत विधायकों के प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा संख्या बल के आधार पर 4 में से 3 सीटें सीधे तौर पर कांग्रेस के खाते में जाती हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं, विपक्षी गठबंधन (भाजपा-जदएस) के पास केवल 1 सीट आसानी से जीतने का आंकड़ा मौजूद है। इस समीकरण के चलते कांग्रेस पार्टी में दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक टिकट के दावेदारों की लंबी कतार लग गई है। पार्टी आलाकमान मल्लिकार्जुन खड़गे को फिर से उच्च सदन भेजने के साथ-साथ दो अन्य स्थानीय चेहरों को मौका दे सकता है।
BJP और JDS गठबंधन के सामने साख बचाने की चुनौती
दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए का हिस्सा बन चुकी जेडीएस और भाजपा के सामने इस चुनाव में अपनी रणनीति को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती होगी। चूंकि एनडीए के खाते में संख्या बल के हिसाब से केवल एक ही सीट सुरक्षित आ रही है, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को दोबारा एनडीए का साझा उम्मीदवार बनाया जाता है या भाजपा अपने किसी केंद्रीय चेहरे को इस सीट से मैदान में उतारती है। यदि विपक्ष ने दूसरी सीट पर भी अपना अतिरिक्त उम्मीदवार उतारा, तो चुनाव में ‘क्रॉस वोटिंग’ और हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) की आशंका बढ़ जाएगी।
चुनाव कार्यक्रम
भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी होगी:
- नामांकन की आखिरी तारीख: मई के अंतिम सप्ताह और जून के प्रथम सप्ताह के बीच नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे।
- मतदान की तारीख: 18 जून 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कर्नाटक विधानसभा सचिवालय में मतदान होगा।
- मतगणना और परिणाम: 18 जून को ही मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और देर रात तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
कर्नाटक का यह राज्यसभा चुनाव आगामी दिनों में होने वाले अन्य राज्यों के चुनावों और उच्च सदन में एनडीए बनाम इंडिया (INDIA) गठबंधन के शक्ति संतुलन को तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


