पश्चिमी राजस्थान की राजनीति में इन दिनों शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और मशहूर भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच छिड़ा विवाद चरम पर है। यह विवाद अब सोशल मीडिया की जुबानी जंग से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई और जातीय लामबंदी तक पहुँच गया है।
विवाद की मुख्य वजह
इस टकराव की शुरुआत एक सोशल मीडिया कमेंट से हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, एक कैंसर पीड़ित बच्चे की मदद से जुड़े वीडियो पर छोटू सिंह रावणा ने एक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर विवाद शुरू हुआ। रावणा का आरोप है कि इस टिप्पणी के बाद उन्हें विधायक भाटी और उनके समर्थकों द्वारा फोन पर जान से मारने की धमकियां दी गईं।
एफआईआर और कानूनी मोड़
- FIR दर्ज: 1 अप्रैल 2026 को छोटू सिंह रावणा अपने समर्थकों के साथ बाड़मेर के शिव थाने पहुँचे और रविंद्र सिंह भाटी सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
- धाराएं: विधायक भाटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2), 351(3) (धमकी) और 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना या अपमानजनक शब्द) के तहत केस दर्ज किया गया है।
- CID-CB को जांच: चूंकि मामला एक मौजूदा विधायक से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच स्थानीय पुलिस के बजाय सीआईडी-सीबी (CID-CB) को सौंपी गई है।
दोनों पक्षों का रुख
- छोटू सिंह रावणा: उन्होंने आरोप लगाया कि भाटी सभी 36 कौमों को साथ लेकर चलने का दावा करते हैं, लेकिन असलियत में वे भेदभाव कर रहे हैं। रावणा ने इसे अपने “मान-सम्मान की लड़ाई” करार दिया है।
- रविंद्र सिंह भाटी: विधायक भाटी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें किसी का ‘राजनीतिक टूल’ नहीं बनना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।
ताजा स्थिति
आज के ताजा घटनाक्रम के अनुसार, यह विवाद राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी फैल रहा है। राजसमंद में आयोजित एक भजन संध्या के दौरान युवाओं ने छोटू सिंह रावणा के सामने ही रविंद्र सिंह भाटी के समर्थन में नारे लगाए, जिससे वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस बुलानी पड़ी।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस जारी है और रावणा राजपूत समाज के कुछ संगठन गायक के समर्थन में उतर आए हैं, जबकि भाटी समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
इस विवाद में पूनम राजस्थानी (लोकप्रिय राजस्थानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर) की भूमिका ने मामले को और अधिक गरमा दिया है।

- छोटू सिंह रावणा का समर्थन: पूनम राजस्थानी ने इस विवाद में गायक छोटू सिंह रावणा का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने रावणा राजपूत समाज की सभाओं में हिस्सा लिया और विधायक रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ मोर्चा खोला।
- धमकियों के आरोप: पूनम ने दावा किया है कि रावणा का पक्ष लेने के कारण उन्हें सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए गंभीर धमकियां मिल रही हैं। उनका आरोप है कि उन्हें और उनके समाज को निशाना बनाकर अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं।
- बयानबाजी और विवाद: पूनम राजस्थानी ने स्पष्ट किया कि हालांकि विधायक भाटी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से सीधा फोन नहीं किया, लेकिन भाटी समर्थकों द्वारा की जा रही टिप्पणियों और अभद्र भाषा के लिए उन्होंने विधायक की टीम को जिम्मेदार ठहराया है।
- राजनीतिक मोड़: इस मामले ने अब जातीय और सामाजिक मोड़ ले लिया है। पूनम राजस्थानी के शामिल होने के बाद से रावणा राजपूत समाज के लोग और अधिक एकजुट हो गए हैं, जो विधायक भाटी से सार्वजनिक माफी या कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
- कानूनी स्थिति: पूनम को मिल रही धमकियों के बाद, छोटू सिंह रावणा ने बाड़मेर प्रशासन से पूनम के लिए भी सुरक्षा की मांग की है। पुलिस इन धमकी भरे कॉल्स और सोशल मीडिया कमेंट्स की जांच कर रही है।


