नई दिल्ली/जालंधर। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर और नवनिर्वाचित भाजपा (BJP) सांसद हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देने के बाद पार्टी नेतृत्व और उसके शीर्ष रणनीतिकारों पर अब तक का सबसे बड़ा और सनसनीखेज हमला बोला है। हाल ही में ‘आप’ से बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाले हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए सीधे तौर पर पंजाब की राज्यसभा सीटों को बेचे जाने और करोड़ों रुपये के ‘चढ़ावे’ का गंभीर आरोप लगाया है। ‘भज्जी’ के इस तीखे बयान के बाद पंजाब से लेकर देश की राजधानी दिल्ली की सियासत में जबरदस्त भूचाल आ गया है।
ट्रोलर्स से भड़के भज्जी: ‘समय आने पर खोलूंगा सबकी पोल’
आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद से ही ‘आप’ समर्थकों और सोशल मीडिया ट्रोलर्स द्वारा हरभजन सिंह को लगातार ‘गद्दार’ कहकर निशाना बनाया जा रहा था। इस संगठित ट्रोलिंग से नाराज होकर पूर्व क्रिकेटर ने सोशल मीडिया पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया।
उन्होंने विरोधी ट्रोलर्स को खुली चुनौती देते हुए ‘X’ पर लिखा— “अपने लोगों से पूछो पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बेची थी। अगर वो न बताएं तो समय आने पर मैं खुद खुलासा करूंगा कि किसको कितना चढ़ावा गया था और पंजाब को लूटने के लिए किसे कैसे मंत्री-संतरी बनाया गया था।” हालांकि, इस विवाद और भारी ट्रोलिंग के बीच उन्होंने अपने ‘X’ हैंडल का कमेंट सेक्शन भी रेस्ट्रिक्ट कर दिया है।
7 सांसदों की बगावत के बाद बढ़ा था विवाद
उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में आम आदमी पार्टी को उस समय सबसे बड़ा झटका लगा था जब राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी सहित कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने एक साथ पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया था। इन सांसदों ने उच्च सदन में ‘आप’ के कुल सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत के आधार पर भाजपा में विलय की संवैधानिक घोषणा की थी।
इस सामूहिक दलबदल के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इन नेताओं को पंजाब के जनादेश के साथ विश्वासघात करने वाला ‘गद्दार’ करार दिया था। इसी के विरोध में ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने जालंधर स्थित हरभजन सिंह के घर की दीवारों पर काले रंग से ‘गद्दार’ (Traitor) लिख दिया था, जिसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर था।
सुरक्षा हटने और कानूनी लड़ाई का भी है बैकग्राउंड
पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की Z+ सुरक्षा को वापस ले लिया था और उनके आवास पर तैनात पुलिसकर्मियों को हटा दिया था। इस प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ हरभजन सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर कानूनी सुनवाई जारी है।
अब, जबकि पंजाब और देश की राजनीति में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर तीखी बहस चल रही है, हरभजन सिंह द्वारा ‘राज्यसभा सीट के बदले चढ़ावे’ का मुद्दा उठाना आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय छवि के लिए एक बड़ा संकट बन गया है। भाजपा ने इस बयान को लपकते हुए ‘आप’ के शीर्ष नेतृत्व से जवाब मांगा है, वहीं आम आदमी पार्टी इसे दलबदलुओं द्वारा अपनी कमियों को छिपाने के लिए की जा रही ‘साजिश और प्रोपेगैंडा’ बता रही है।


