नागौर। नागौर जिले में हनुमान बेनीवाल दम भर रहे हैं। न भाजपा से इनकी पटरी बैठती है और न ही कांग्रेस से। तीसरा मोर्चा खड़ा करने की जद्दोजहद इनकी जिद और जुनून है। गणित बिगाडऩे में मास्टर हैं। साथ ही भारी जनसमर्थन इनकी एक आवाज पर जुटता है। हमेश की तरह अब एक बार फिर चुनावी रंग में रंगने लगा नागौर बेनीवाल के लिए ताकत दिखा रहा है। बेनीवाल खींवसर से विधायक हैं, लेकिन नागौर में जाटों को साथ लेकर धु्रवीकरण कर रहे बेनीवाल युवा ताकत को साथ लेकर अब 15वीं विधानसभा के लिए जुट गए हैं। अपने इलाके में पकड़ बनाए रखते हुए बेनीवाल तीसरे मोर्चे के मेल मुलाकातों में भी जुट गए हैं।

मंगलवार को भीलवाड़ा के गुलाबपुरा में विधायक बेनीवाल का जोरदार स्वागत हुआ। यहां भारी संख्या में लोगों के साथ पहुंचे युवाओं न किसान युवा रैली को संबोधित किया। चित्तौडग़ढ़ के निम्बाहेड़ा के किसान सम्मेलन में भी उन्होंने ताकत दिखाई। चित्तौड़ में अपने रोड़ शो के लिए चर्चा में रहे और भाजपा को उखाड़ फैंकने के नारे को बुलंद करते नजर आए। हमेशा की तरह बेनीवाल जानते हैं कि जनता साथ कैसे रहेगी। वह जीतना भी जानते हैं और ताकत दिखाना भी। यही वजह है कि उनकी रैलियों में लाखों की भीड़ जुटना आम बात होती है। नागौर में अपनी रैलियों में बेनीवाले लाखों की भीड़ बार-बार जुटा कर ताकत का आभास करवा चुके हैं। हालांकि उन्हें नागौर में टक्कर या शिक्सत देने के लिए कांगे्रेस का कोई दमदार नेता सामने चाहिए। जाट बाहुल्य इलाके में कांग्रेस को जनता का समर्थन पहले भी रहा है। लेकिन बेनीवाल ने अपनी मजबूत जगह बहुत जल्दी कायम की है। ऐसे में बेनीवाल को मिल रहे समर्थन को टक्कर देना यहां जरा मुश्किल है। टक्कर का एकमात्र विकल्प यहां कांग्रेस का कोई दमदार जाट कैंडीडेट हो सकता है। लेकिन फिलहाल बेेनीवाल और उनके समर्थन में नागौर सहित आस-पास के जिलों के जाट जुट रहे हैं। इसी धु्रवीकरण को आधार बनाकर बेनीवाल अंतत: राजनीतिक चोट भी बड़ी पार्टियों के साथ करने की तैयारियों में हैं।

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