By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Vidhayak.comVidhayak.comVidhayak.com
  • Home
  • News & Views
  • Vidhayak Exclusive
  • Rajneeti
  • Netaji Ki Kundali
  • Youth Leadership
  • Jansunwai
  • Contact Us
    • About Us
    • Editor in Chief
    • Legal
    • Advertisement
    • Privacy Policy
Notification Show More
Font ResizerAa
Vidhayak.comVidhayak.com
Font ResizerAa
  • Rajneeti
  • News & Views
  • Vidhayak Exclusive
  • Netaji Ki Kundali
  • Jansunwai
  • Youth Leadership
  • Home
  • News & Views
  • Vidhayak Exclusive
  • Rajneeti
  • Netaji Ki Kundali
  • Youth Leadership
  • Jansunwai
  • Contact Us
    • About Us
    • Editor in Chief
    • Legal
    • Advertisement
    • Privacy Policy
Follow US
Vidhayak.com > Netaji Ki Kundali > Ajay Singh Kilak – संघर्षों से निकले प्रेरणादायक नेता
Netaji Ki Kundali

Ajay Singh Kilak – संघर्षों से निकले प्रेरणादायक नेता

News Desk Vidhayak.com
Last updated: 2025/10/16 at 11:21 AM
By News Desk Vidhayak.com
Share
9 Min Read
SHARE

डेगाना (नागौर)। राजस्थान के धोरों की धरती से निकलकर ग्रामीण विकास और किसान कल्याण के मुद्दों से उभरे नेता हैं अजय सिंह किलक ( Ajay Singh Kilak ) । भारतीय जनता पार्टी के मजबूत सिपाही के तौर पर अजय सिंह किलक ने अपनी पहचान बनाई है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय सिंह किलक एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने ग्रामीण राजस्थान की मिट्टी से जुड़कर राजनीतिक ऊंचाइयों को छुआ है। अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी में आने वाली इस सीट पर किलक का नाम विकास, किसान कल्याण और भ्रष्टाचार विरोध का प्रतीक बन चुका है। विधानसभा में अजय सिंह किलके के उठाए अवैध बजरी खनन और पुलिस भ्रष्टाचार के मुद्दों ने सरकार तक को हिलाकर रख दिया। किलक न केवल स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय हैं, बल्कि केंद्र की योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर लागू करने में भी अग्रणी रहे हैं।

Contents
ग्रामीण विकास और कृषि सुधार से बढे किलक2008 से डेगाना की मुखर आवाजजवान, किसान और गांवों के लिए सक्रियरिछपाल मिर्धा को हराकर पहुंचे विधानसभाडेगाना विधानसभा1977 से 2023 तक के चुनाव परिणामContact Info.

ग्रामीण विकास और कृषि सुधार से बढे किलक

भाजपा नेता अजय सिंह किलक का राजनीति में प्रवेश ग्रामीण स्तर से हुआ। नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र के एक किसान परिवार में जन्मे किलक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर प्राप्त की। 1990 के दशक में वे पंचायत स्तर की राजनीति से सक्रिय हुए, जहां उन्होंने दलित उत्थान, कृषि सुधार और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर काम शुरू किया। भाजपा से जुड़ने से पहले वे सामाजिक संगठनों में लगे रहे, खासकर एससी समुदाय के युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने में। 2000 के दशक की शुरूआत में भाजपा ने उनकी क्षमता को पहचाना और उन्हें जिला स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपीं।

2008 से डेगाना की मुखर आवाज

2008 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ते हुए अजय सिंह किलक ने डेगाना सीट पर कदम रखा। तब से वे लगातार भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरते आ रहे हैं। किलक का सफर संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन हार-जीत के बीच उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। उनकी सादगी, किसानों से जुड़ाव और साहसिक छवि ने उन्हें नागौर की राजनीति में अलग पहचान दी। राजस्थान विधानसभा में अजय सिंह किलक ने हमेशा विकास-केंद्रित और भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दे उठाए हैं।

जल संकट, किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर उनकी आवाज सबसे मुखर रही है। 2019 के सत्र में उन्होंने डेगाना क्षेत्र में नहरों की मरम्मत और सिंचाई सुविधाओं पर बहस छेड़ी, जिसके फलस्वरूप राज्य सरकार ने कई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई। वे एससी/एसटी अधिकारों के लिए सक्रिय रहे, जैसे एससी एक्ट के सख्त क्रियान्वयन और आरक्षण नीतियों में सुधार। विधानसभा में उन्होंने केंद्र की ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ और ‘आयुष्मान भारत’ योजनाओं को स्थानीय स्तर पर पहुंचाने के लिए सवाल उठाए।

जवान, किसान और गांवों के लिए सक्रिय

विधायक अजय सिंह किलक ने मार्च 2025 में थानवाला क्षेत्र में अवैध बजरी खनन माफिया और पुलिस अधिकारियों की सांठगांठ पर जोरदार आरोप लगाए, जिसके बाद डिकॉय आॅपरेशन में चार पुलिसकर्मी पकड़े गए। पर्यावरण और खनन मुद्दों पर भी वे प्रस्ताव लाते रहे हैं, जो नागौर के रेगिस्तानी इलाके के लिए वरदान साबित हुए हैं किलक की राजनीतिक बहसें न केवल डेगाना तक सीमित रहीं, बल्कि पूरे मारवाड़ को प्रभावित करती रहीं हैं।

जनता के लिए किलक के कार्य प्रेरणादायक हैं। विधायक रहते हुए उन्होंने डेगाना में सैकड़ों किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराया, जिससे किसानों को बाजार तक पहुंच आसान हुई। शिक्षा क्षेत्र में उन्होंने कई स्कूलों को अपग्रेड कराया और एससी लड़कियों के लिए विशेष छात्रवृत्तियां शुरू कीं। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तहत मोबाइल मेडिकल वैन की व्यवस्था की, जो दूरस्थ गांवों तक पहुंचती हैं। कोविड-19 के दौरान उन्होंने राहत कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई, जहां हजारों परिवारों को राशन, मास्क और दवाएं वितरित कीं। किसानों के लिए उन्होंने फसल बीमा योजनाओं का प्रचार किया और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में मुआवजा दिलवाया। इन प्रयासों से डेगाना के लाखों ग्रामीण लाभान्वित हुए। किलक की छवि एक ऐसे नेता की है जो सत्रों के अलावा जनता के बीच रहते हैं, शिकायतें सुनते हैं और त्वरित समाधान निकालते हैं।

रिछपाल मिर्धा को हराकर पहुंचे विधानसभा

नागौर में मिर्धा परिवार का सामाजिक और राजनीतिक दबदबा रहा है। कड़ी मेहनत, जनता में पकड़ और आम आदमी के लिए जूझते व्यक्तित्व ने अजय सिंह किलक को मिर्धा परिवार के सामने राजनीति में धाक जमाने का अवसर दिया। 2008 के विधानसभा चुनाव में किलक रिछपाल मिर्धा को हरार डेब्यू करने वाले नेता बने। यह कड़ी टक्कर वाला चुनाव था और किलक ने मात्र 1,174 वोटों के मामूली अंतर से मिर्धा को शिकस्त दी थी।

पांच साल बाद फिर 2013 के विधानसभा चुनाव में किलक भाजपा के टिकट पर वे विजयी रहे, जहां उन्हें 79,526 वोट मिले और कांग्रेस के रिछपाल सिंह को 65,044 वोट; जीत का अंतर 14,482 वोट रहा। हालांकि, 2018 में वे कांग्रेस के विजयपाल मिर्धा से 21,538 वोटों से चुनाव हार गए। लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने शानदार कमबैक किया और विजयपाल मिर्धा को 7,755 वोटों से हराकर सीट पर कब्जा जमाया। कुल मिलाकर, किलक तीन बार (2008, 2013, 2023) विधानसभा पहुंचे, जो डेगाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता दर्शाता है। उनकी हार-जीत ने डेगाना को एक प्रतिस्पर्धी सीट बना दिया।

डेगाना विधानसभा

डेगाना विधानसभा क्षेत्र राजस्थान की प्रमुख ग्रामीण सीटों में से एक है, जहां रेगिस्तानी इलाका और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था चुनावी समीकरण को प्रभावित करती है। 2023 चुनाव में कुल 2.36 लाख मतदाताओं में से 71.63% ने वोट डाला। भाजपा को लगभग 48% वोट शेयर मिला, जबकि कांग्रेस को 44% मिला। जीत का अंतर 7,755 वोट रहा, जो राज्य की कड़ी टक्कर वाली सीटों में शुमार है। चुनावी समीकरण में भाजपा का मजबूत संगठन और केंद्र की योजनाओं का प्रचार फायदेमंद रहा, लेकिन स्थानीय मुद्दों जैसे जल संकट ने कांग्रेस को बढ़त देने की कोशिश की। जातिगत समीकरण यहां निर्णायक हैं: एससी (21%) प्रमुख वोट बैंक है, जो भाजपा का समर्थन करता है। जाट (25-30%), ब्राह्मण (10%) और मुस्लिम (15%) वोटर भी प्रभाव डालते हैं। जाट-मुस्लिम गठजोड़ कांग्रेस को फायदा पहुंचाता है, जबकि भाजपा को आरएसएस के जरिए अगाड़ी जातियों से जुड़ने और दलितों को कनेक्ट करने का लाभ मिलता है।

1977 से 2023 तक के चुनाव परिणाम

1977 : राम रघुनाथ (कांग्रेस) 4,122 वोटों से जीते।
1980 : राम रघुनाथ (कांग्रेस-यू) 7,105 वोटों से जीते।
1985 : कल्याण सिंह (जनता पार्टी) 23,853 वोटों से जीते।
1990 : रिछपाल सिंह मिर्धा (जनता दल) 22,329 वोटों से जीते।
1993 : रिछपाल सिंह मिर्धा (कांग्रेस) 18,780 वोटों से जीते।
1998 : रिछपाल सिंह मिर्धा (निर्दलीय) 8,810 वोटों से जीते।
2003 : रिछपाल सिंह मिर्धा (कांग्रेस) 11,293 वोटों से जीते।
2008 : अजय सिंह किलक (भाजपा) 1,174 वोटों से जीते।
2013 : अजय सिंह किलक (भाजपा) 14,482 वोटों से जीते।
2018 : विजयपाल मिर्धा (कांग्रेस) 21,538 वोटों से जीते।
2023 : अजय सिंह किलक (भाजपा) 7,755 वोटों से जीते।

डेगाना विधानसभा सीट पर मिर्धा परिवार का दबदबा रहा है। लेकिन मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच ही यहां टक्कर रही है। यहां डेगाना से रिछपाल मिर्धा ने चार विधानसभा चुनाव लगातार जीते, लेकिन चार में से एक बार जनता दल, दो बार कांग्रेस और एक बार निर्दलीय जीत कर विधानसभा पहुंचे। मिर्धा 2023 में भाजपा में चले गए।

Contact Info.

Ajay Singh Kilak MLA
Constituency : Degaana (Nagaur)
DOB : 15 July 1958
Phone : 9414059347 / 9521212121
Email : ajaysinghkilak@gmail.com
Address : Village – Pundlota, Degana, Nagaur – 341503

Tweets by AjaysinghKilak

Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print

Vidhayak.com

Vidhayak.com जनता और शासन के बीच सशक्त संचार माध्यम है। यह सत्य, सटीक और निष्पक्ष राजनीतिक समाचार, विश्लेषण और विचारों का स्वतंत्र मंच है। पत्रकारिता में लम्बा अनुभव लेने के बाद वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा शुरू किए गए इस प्लेटफॉर्म में जाति, धर्म, समुदाय और किसी पार्टी विशेष की ओर झुकाव के हम पक्षधर नहीं हैं। सितम्बर 2018 में इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत जयपुर से की गई थी। आप अपने समाचार, लेख, विचार, साक्षात्कार के लिए इस मेल पर संपर्क कर सकते हैं - office@vidhayak.com
Get Started
SIR से परेशान BLO ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी

जयपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बने काम के दबाव में…

IRS अफसर की विधायक Ashok Chandna को चेतावनी, बोले – ‘हिसाब चुकता किया जाएगा’

जयपुर। राजस्थान में अंता के उपचुनाव ने ओछी राजनीति, बेहिसाब बयानबाजी और…

नेताओं से तालमेल और प्रशासनिक पकड़ का बैलेंस होंगे मुख्य सचिव V. Sriniwas

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में बीते सप्ताह बडे घटनाक्रम लेकर आया। एक…

Vidhayak.com

Your one-stop destination for Politics and Current affairs
Join Our Whatsapp Channel

You Might Also Like

Netaji Ki Kundali

Aduram Meghwal – चौहटन की राजनीति में मजबूत आवाज

By News Desk Vidhayak.com
Netaji Ki Kundali

Abhimanyu Poonia – राजस्थान की राजनीति के उभरते युवा सितारे

By News Desk Vidhayak.com
Netaji Ki Kundali

पूर्वी राजस्थान में कांग्रेस का बड़ा चेहरा बनकर उभरे Tika Ram Jully

By News Desk Vidhayak.com
Netaji Ki Kundali

Col Rajyavardhan Rathore के जितना नाम में दम, उतना ही काम में दम

By News Desk Vidhayak.com
Vidhayak.com Banner 2 (1)
Facebook Twitter Youtube Instagram
Other Links
  • About Us
  • Editor in Chief
  • Advertisement
  • Privacy Policy
  • Legal
  • Contact Us
More Info
  • Rajneeti
  • News & Views
  • Jansunwai
  • Netaji Ki Kundali
  • Youth Leadership
  • Vidhayak Exclusive

Head Office

1st Floor, 265/05, Sector - 26 Pratap Nagar, Jaipur - 302033 Rajasthan (INDIA)
Office : +91-9019000670
Office ID : office@vidhayak.com
News ID: news.vidhayak@gmail.com
Editor ID: Editor.Vidhayak@gmail.com

(Vidhayak.com ® is a Registered Trademark)

(All legal matters are subject to Jurisdiction of the Jaipur district courts only)

Join our Whatsapp Channel

Powered by Vidhayak.com

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?