संगरिया (हनुमानगढ़)। राजस्थान की राजनीति में युवा ऊर्जा का प्रतीक बन चुके अभिमन्यू पूनिया ( Abhimanyu Poonia MLA ) हनुमानगढ़ की चर्चित संगरिया विधानसभा सीट से 2023 में विधायक बनकर उभरे। विधानसभा सीट पर मजबूत पकड़ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) में अपनी सक्रिय भूमिका से राज्य स्तर पर युवा नेतृत्व की अभिमन्यू पूनिया ने मिसाल कायम की है। मात्र 34 वर्ष की उम्र में विधायक बन चुके अभिमन्यू ने 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के दिग्गज नेता गुरदीप सिंह को 42,010 वोटों के भारी अंतर से हराकर इतिहास रच दिया। यह जीत न केवल संगरिया की जनता का अभिमन्यू में विश्वास दशार्ती है, बल्कि कांग्रेस की युवा ब्रिगेड की ताकत को भी उजागर करती है।
साधारण किसान परिवार ने निकलकर बने विधायक
अभिमन्यू पूनिया का जन्म 1991 में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया तहसील में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता अरविंद कुमार पूनिया एक समर्पित किसान हैं, जिन्होंने अभिमन्यू को ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों से रूबरू कराया। अभिमन्यू ने अपनी शिक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से पूरी की, जहां से 2015 में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की। शिक्षा के दौरान ही वे सामाजिक मुद्दों की ओर आकर्षित हुए और छात्र संगठनों में सक्रिय हो गए। उनकी पृष्ठभूमि किसानी से जुड़ी होने के कारण वे हमेशा ग्रामीण विकास, सिंचाई और किसान कल्याण जैसे मुद्दों पर मुखर रहे हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, अभिमन्यू पूनिया की संपत्ति लगभग 50 लाख रुपये है, जिसमें अधिकांश कृषि भूमि शामिल है, जो उनकी सादगी और पारदर्शिता को दशार्ता है।
युवा नेता के तौर पर दमदार प्रजेंस
राजस्थान में युवा नेता के तौर पर अभिमन्यू का राजनीतिक करियर 2018 से पहले ही ऊंचाईयों पर पहुंच चुका था, जब वे राजस्थान युवा कांग्रेस के सक्रिय सदस्य बने। 2023 के विधानसभा चुनावों में संगरिया से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में उतरते ही उन्होंने कमाल कर दिखाया। संगरिया, जो हनुमानगढ़ जिले की एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण हमेशा रणनीतिक महत्व रखती है। यहां पंजाब और हरियाणा की सीमाओं से सटा होना इसे कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाता है। अभिमन्यू ने चुनाव प्रचार में डिजिटल मीडिया का भरपूर उपयोग किया, सोशल मीडिया पर युवाओं को जोड़कर पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत किया। परिणामस्वरूप, वे 98341 वोट हासिल कर विधायक बने। यह जीत 2018 में भाजपा के गुरदीप सिंह की जीत के बाद कांग्रेस की वापसी का संकेत थी।
विधायक बनकर मजबूती से उभरे
16वीं विधानसभा में कांग्रेस विधायक के तौर अभिमन्यू मजबूती से उभरे। अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ पार्टी काडर में भी उन्होंने अपनी दमदार प्रजेंस दिखाई और लगातार जमीनी मुद्दों को लेकर मुखर रहे। 2023 चुनाव जीतने के ठीक बाद उन्हें राजस्थान प्रदेश युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, यह भूमिका अभिमन्यू की युवाओं में मजबूत पकड़ का परिणाम बनकर उभरी। इस भूमिका में उन्होंने युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए ‘युवा संवाद’ अभियान चलाया, जिसमें जयपुर सहित पूरे राज्य में सैकड़ों कार्यक्रम आयोजित हुए। वे अशोक गहलोत सरकार के दौरान युवा सशक्तिकरण योजनाओं, जैसे राजस्थान युवा रोजगार योजना, के पक्षधर रहे। भजनलाल शर्मा सरकार में विपक्षी दल के विधायक के रूप में वे सदन में बेहद सक्रिय भमिका में हैं। 16वीं विधानसभा में उनकी उपस्थिति 38% रही है, लेकिन उन्होंने विधानसभा में महत्वपूर्ण प्रश्न किसान ऋण माफी उठाकर प्रदेशभर के जवानों और किसानों का ध्यान अपनी ओर खीचा है। पार्टी आलाकमान उन्हें भविष्य का चेहरा मानता है। युवा लीडरशिप में अभिमन्यू की पहचान राजस्थान में अनूठी है। जहां पारंपरिक राजनीति बुजुर्ग नेताओं के वर्चस्व वाली रही, वहीं अभिमन्यू ने 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को संगठित कर नई ऊर्जा भरी।
सुलझे हुए नेता की छवि
अभिमन्यू पर्यावरण संरक्षण से लेकर महिला सशक्तिकरण तक, विविध मुद्दों पर आवाज बुलंद करते रहे हैं। संगरिया में उन्होंने स्थानीय स्तर पर स्कूलों में डिजिटल शिक्षा और खेल सुविधाओं का विकास करवाया। उनकी छवि एक सुलझे हुए, संवादप्रिय नेता की है, जो जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर काम करते हैं। जाट समुदाय से होने के बावजूद, वे सभी वर्गों को जोड़ने में सफल रहे हैं। अभिमन्यू पूनिया का सफर अभी शुरूआती दौर में है, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षा और कार्यक्षमता उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक ले जा सकती है।
संगरिया विधानसभा
संगरिया राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जो गंगानगर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र है, जहां कृषि आधारित अर्थव्यवस्था प्रमुख है। जाट और जाट सिख समुदायों का वर्चस्व है, जो चुनावी समीकरण तय करते हैं। 2011 जनगणना के अनुसार, यहां 88.71% ग्रामीण आबादी है, और अनुसूचित जाति की आबादी लगभग 30% है। प्रमुख मुद्दे सिंचाई, ड्रग्स समस्या और जल निकासी हैं।
2023 के विधानसभा चुनाव में संगरिया विभानभा सीट पर 83.53 प्रतिशत वोटिंग हुई। इस चुनाव में संगरिया में कांग्रेस की ओर से मैंदान में उतरे अभिमन्यू पूनिया को कुल 98,341 वोट मिले। अभिमन्यू ने यह विधानसभा चुनाव कुल 42,010 वोटों से जीता और अपने प्रतिद्वंदी के तौर पर उन्होंने भाजपा के गुरदीप सिंह को हराया। गुरदीप सिंह को कुल 56,331 वोट मिले। इसी चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौपर मैदान में उतरी युवा नेता गुलाब सिंवर को कुल 40,266 वोट मिले। वर्ष 1980 से लेकर 2023 तक संगरिया विधानसभा सीट पर 6 बार कांग्रेस और 3 बार भाजपा ने जीत दर्ज की है।
1977 से अब तक के चुनाव परिणाम :
- 1977 : राम चंदर (कांग्रेस) विजयी, 20,995 वोट।
- 1980 : महिंदर सिंह (कांग्रेस-आई) विजयी, 33,355 वोट।
- 1993 : कृष्ण चंदर बिश्नोई (कांग्रेस) विजयी।
- 1998 : कृष्ण चंदर (कांग्रेस) विजयी।
- 2003 : गुरजंत सिंह (भाजपा) विजयी।
- 2008 : परम नवदीप (कांग्रेस) विजयी, 36,802 वोट।
- 2013 : कृष्ण कडवा (भाजपा) विजयी, 55,635 वोट।
- 2018 : गुरदीप सिंह (भाजपा) विजयी, 99,064 वोट (6,538 अंतर से)।
- 2023 : अभिमन्यू पूनिया (कांग्रेस) विजयी, 42,010 वोटों के अंतर से।
यह सीट कांग्रेस और भाजपा के बीच प्रतिस्पर्धा का केंद्र रही है। वोटर टर्नआउट औसतन 85% रहता है।
Contact Info.
Abhimanyu Poonia MLA
Constituency : Sangariya (Hanumangarh)
DOB : 26 April 1991
Phone : 9464409994
Email : abhimanyupoonia@gmail.com


